Monday, 12 September 2022

उसने कहा था - चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी

 

               “ उसने कहा था”  पाठ का सारांश 

कहानी का प्रारंभ अमृतसर नगर के चौक बाजार में एक 8 वर्षीय सिख बालिका तथा एक 12 वर्षीय सिख बालक के बीच छोटे से वार्तालाप से होता है । दोनों ही बालक - बालिका अपने - अपने मामा के यहां आए हुए हैं । बालिका व बालक दोनों सामान खरीदने बाजार आए थे कि बालक मुस्कुराकर के बालिका से पूछता है “ क्या तेरी कुडमाई ( सगाई ) हो गई ? " इस पर बालिका कुछ आँखे चढ़ाकर “ धत " कहकर दौड़ गई और लड़का मुंह देखता रह गया | यह दोनों बालक बालिका दूसरे तीसरे दिन एक दूसरे से कभी किसी दुकान पर कभी कहीं टकरा जाते और वही प्रश्न और वही उत्तर | एक दिन ऐसा हुआ कि बालक ने वही प्रश्न पूछा और बालिका ने उसका उत्तर लड़की की संभावना के विरुद्ध दिया और बोली “ हां हो गई । ” इस उत्तर को सुनकर लड़का चौक पड़ता है और पूछता है कब ? लड़की कहती है “ कल देखते नहीं यह रेशम से कढ़ा हुआ साल ! ” और यह कह कर भाग जाती है | परंतु लड़के के ऊपर मनोव्रजपात होता है और वह किसी को नाली में धकेलता है , किसी छाबड़ी वाले की छाबड़ी गिरा देता है , किसी कुत्ते को पत्थर मारता है , किसी सब्जी वाले के ठेले में दूध उड़ेल देता है और किसी सामने आती हुई वैष्णवी से टक्कर मार देता है और गाली खाता है | कहानी का पहला भाग यही नाटकीय ढंग से समाप्त हो जाता है | इस बालक का नाम था लहना सिंह और बालिका बाद में सूबेदारनी के रूप में हमारे सामने आती है । इस घटना के 25 वर्ष बाद कहानी का दूसरा भाग शुरू होता है । लहना सिंह युवा हो गया और जर्मनी के विरुद्ध लड़ाई में लड़ने वाले सैनिकों में भर्ती हो गया | और अब वह 77 राइफल्स में जमादार है | एक बार वह सात दिन की छुट्टी लेकर अपनी जमीन के किसी मुकदमे की पैरवी करने घर आया था । वहीं उसे अपने रेजिमेंट के अफ़सर की चिट्ठी मिलती है की फौज को युद्ध पर जाना है , फ़ौरन चले आओ | इसी के साथ सेना के सूबेदार हजारा सिंह को भी चिट्ठी मिलती है कि उसे और उसके बेटे बोधा सिंह दोनों को ( लाम ) युद्ध पर जाना है , अतः साथ ही चलेंगे | सूबेदार का गांव रास्ते में पड़ता है और वह लहना सिंह को चाहता भी बहुत था | लहना सिंह सूबेदार के घर पहुंच गया जब तीनों चलने लगे तब अकेले में सूबेदारनी उसे " कुड़माई हो गई " वाला वाक्य दोहरा कर कर 25 वर्ष पहले की घटना की याद दिलाती है और कहती है कि जिस तरह उस समय उसने एक बार घोड़े की लातों से उसकी रक्षा की थी उसी प्रकार उसके पति और एकमात्र पुत्र की भी रक्षा करें | वह उसके आगे अपना आँचल पसार का भिक्षा मांगती है | यह बात ललन सिंह के दिल छू जाती है | युद्ध भूमि पर उसने सूबेदारनी के बेटे को अपने प्राणों की चिंता न करके जान बचाई । पर इस कोशिश में वह खुद घातक रूप से घायल हो गया | उसने अपने घाव पर बिना किसी को बताए कसकर पट्टी बांध लिया और इसी अवस्था में जर्मन सैनिकों का मुकाबला करता रहा | शत्रु पक्ष की पराजय के बाद उसने सूबेदारनी के पति और उसके पुत्र को गाडी में सकुशल बैठा दिया और चलते हुए कहा “ सुनिए तो सूबेदारनी को चिट्ठी लिखो तो मेरा मत्था टेकना लिख देना और जब घर जाओ तो कह देना कि मुझसे जो उन्होंने कहा था वह मैं कर दिया | सूबेदार पूछता ही रह गया उसने क्या कहा था कि गाड़ी चल दी । बाद में उसने वजीरा से पानी मांगा और कमरबंद खोलने को कहा क्योंकि वह खून से टार था तथा मृत्यु निकट होने होने पर जीवन की सारी घटनाएं चलचित्र के समान घूम गई और अंतिम वाक्य जो उसके मुंह से निकला वह था “ उसने कहा था " इसके बाद अखबार में छपा कि “ फ्रांस और बेल्जियम 68 सूची मैदान में घावों से भरा नं . 77 सिख राइफल जमादार सिंह । इस प्रकार अपनी बचपन की छोटी सी मुलाकात में हुए परिचय उसके मन में सूबेदारनी के प्रति जो प्रेम उदित हुआ था उसके कारण उसने सूबेदारनी के द्वारा कहे गए वाक्यों को स्मरण रख उसके पति व पुत्र की रक्षा करने में अपनी जान दे दी क्योंकि उसने कहा था |

उसने कहा था पाठ्य पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर

 प्रश्न 1 . ' उसने कहा था ' कहानी कितने भागों में बँटी हुई है ? कहानी के कितने भागों में युद्ध का वर्णन है ?

उत्तर " उसने कहा था " कहानी पाँच भागों में विभक्त की गई है । इस पूरी कहानी में तीन . भागों में युद्ध का वर्णन है । द्वितीय , तृतीय तथा चतुर्थ भाग में युद्ध के दृश्य हैं ।

 प्रश्न 2 . कहानी के पात्रों की एक सूची तैयार करें ।

 उत्तर कहानी में कई पात्र हैं जिनमें से कुछ प्रमुख हैं और कुछ गौण । कहानी के पात्रों के नाम निम्नलिखित हैं लहनासिंह ( नायक ) , सूबेदारनी , सूबेदार हजारासिंह , बोधासिंह ( सूबेदार का बेटा ) ,अतरसिंह ( लड़की का मामा ) , महासिंह ( सिपाही ) , वजीरासिंह ( सिपाही ) , लपटन साहब आदि ।

प्रश्न 3 . लहनासिंह का परिचय अपने शब्दों में दें ।

उत्तर लहनासिंह एक वीर सिपाही है । वह ' उसने कहा था ' कहानी का प्रमुख पात्र तथा नायक है । लेखक ने कहानी में उसके चरित्र को पूरी तरह उभारा है । कहानी में उसके चरित्र की निम्नलिखित विशेषताएँ उभरकर सामने आती हैं 1. कहानी का नायक - कहानी का समस्त घटनाक्रम लहनासिंह के आस - पास घटता है , जिससे यह स्पष्ट होता है कि वो कहानी का प्रमुख पात्र तथा नायक है ।

2. सच्चा प्रेमी - लहनासिंह एक सच्चा प्रेमी है । बचपन में उसके हृदय में एक अनजान भावना ने जन्म लिया जो प्रेम था । यद्यपि उसे अपना प्रेम न मिल सका लेकिन फिर भी उसने सच्चाई से उसे अपने हृदय में बसाए रखा ।

3. बहादुर तथा निडर - लहनासिंह बहादुर तथा निडर व्यक्तित्व का स्वामी है । तभी तो वह बैठे रहने से बेहतर युद्ध को समझाता है ।

4. चतुर : लहनासिंह बहादुर होने के साथ साथ काफी चतुर भी है । इसीलिए उसे लपटन साहब के नकली होने का शक हो गया और उसने चतुराई से उसका भांडा फोड़ दिया ।

5. सहानुभूति तथा दयालुपन : लहनासिंह के चरित्र में सहानुभूति तथा दया भाव भी विद्यमान है । इसीलिए वह भीषण सर्दी में भी अपने कम्बल और जर्सी बीमार बोधासिंह को दे देता है ।

6. वचन पालन : सूबेदारनी ने लहनासिंह से अपने पति और बेटे के प्राणों की रक्षा करने की बात कही थी । लेकिन लहना सिंह ने उसे वचन की तरह निभाया और इसके लिए अपने प्राण भी न्योछावर कर दिया ।

प्रश्न 4 . पाठ से लहना और सूबेदारनी के संवादों को एकत्र करें ।

उत्तर:- पाठ में लहनासिंह और सूबेदारनी के बीच कुछ संवाद हैं जो निम्नलिखित हैं बचपन का संवाद " तेरे घर कहाँ है ? " " मगरे में - और तेरे ! " " माँझे में ; यहाँ कहाँ रहती है ? "

" अतरसिंह की बैठक में , वे मेरे मामा होते हैं । " " मैं भी मामा के यहाँ हूँ , उनका घर गुरु बाजार में है ।  इतने में दूकानदार ....... लड़के ने मुस्कुराकर पूछा- " तेरी कुड़माई हो गई ? " इस पर लड़की कुछ आँखें चढ़ाकर ' धत् ' कहकर दौड़ गई ।

 ..लड़के ने फिर पूछा- " तेरी कुड़माई हो गई ? " और उत्तर में वही ' धत् ' मिला । एक दिन जब फिर लड़के ने वैसे ही हँसी में चिढ़ाने के लिए पूछा तब लड़की , लड़के की संभावना के विरुद्ध बोली- " हाँ , हो गई । "

कब ? " " कल - देखते नहीं यह रेशम से कढ़ा हुआ सालू ! " सूबेदार के घर का संवाद " मुझे पहचाना ? " " नहीं । " " तेरी कुड़माई हो गई ? ' धत् ' - कल हो गई - देखते नहीं रेशमी बूटोंवाला सालू - अमृतसर में- " सूबेदारनी कह रही है- " मैंने तेरे को आते ही पहचान लिया । ..तुम्हारे आगे मैं आँचल पसारती हूँ । ” –

 प्रश्न 5 . " कल , देखते नहीं यह रेशम से कढ़ा हुआ सालू । ” वह सुनते ही लहना की क्या प्रतिक्रिया हुई ?

 उत्तर " कल , देखते नहीं यह रेशम से कढ़ा हुआ सालू । " वह सुनते ही लहना को काफी गुस्सा आया । साथ ही वह अपनी सुध - बुध ही खो बैठा । इसीलिए घर वापस आते समय एक लड़के को नाली में धकेल दिया । एक खोमचे वाले के खोमचे बिखेर दिए । एक कुत्ते को पत्थर मारा और एक सब्जीवाले की रेड़ी पर दूध उड़ेल दिया । एक वैष्णवी ( पूजा - पाठ करनेवाली ) औरत से टकरा गया जिसने उसे अंधा कहा । तब जाकर वह अपने घर पहुँचा ।।

प्रश्न 6 . " जाड़ा क्या है , मौत है और निमोनिया से मरनेवालों को मुरब्बे नहीं मिला करते " , वजीरासिंह के इस कथन का क्या आशय है ?

 उत्तर " जाड़ा क्या है , मौत है और निमोनिया से मरनेवालों को मुरब्बे नहीं मिला करते " वजीरासिंह के इस कथन का आशय है कि वहाँ युद्ध के मैदान में अत्यधिक ठंड पड़ रही है जिस कारण ऐसा लगता है कि मानो उनकी जान ही निकल जाएगी । वैसे भी इस स्थिति में इतने लोगों को निमोनिया हो रहा है कि उन्हें मरने के लिए स्थान भी नहीं मिल रहा है ।

प्रश्न 7 . ' कहती है , तुम राजा हो , मेरे मुल्क को बचाने आए हो । ' वजीरा के इस कथन । में किसकी और संकेत है ।

उत्तर ' कहती है , तुम राजा हो , मेरे मुल्क को बचाने आए हो । ' वजीरा के इस कथन में फ्रांस की मेम की ओर संकेत हैं ।

 प्रश्न 8 . लहना सिंह के गाँव में आया तुर्की मौलवी क्या कहता था ?

 उत्तर :- लहना के गाँव में आया तुर्की मौलवी कहता था कि जर्मनी वाले बड़े पंडित हैं । वेद पढ़ - पढ़कर उसमें से विमान चलाने की विद्या जान गए हैं । गौ को नहीं मारते । हिन्दुस्तान में आ जाएँगे तो गौ हत्या बंद कर देंगे । मंडी में बनियों को बहकाता था कि डाकखाने से रुपए निकाल लो , सरकार का राज्य जाने वाला है ।

प्रश्न 9 . ' लहनासिंह का दायित्व बोध और उसकी बुद्धि दोनों ही स्पृहणीय है । ' इस कथन की पुष्टि करें ।

उत्तर :- लहनासिंह एक बहुगुण सम्पनन व्यक्तित्व का स्वामी है । उसके चरित्र में विद्यमान गुण , समस्त कहानी में दिखाई पड़ते हैं । लेकिन उसका दायित्व बोध और बुद्धि दोनों ही स्पृहणीय हैं । वह बचपन में एक लड़की से मिला और उससे हृदयगत प्रेम कर बैठा । यद्यपि वह न तो अपना प्रेम प्रकट कर सका और न ही उस लड़की को पा सका । फिर भी जब कई वर्षों बाद वह उसी लड़की से सूबेदारनी के रूप में मिला तो उसकी एक प्रार्थना के बदले में अपने प्राण तक दे दिए । यह उसका दायित्व बोध ही था जिसे उसने मरकर ही पूरा किया । वहीं जब नकली लपटन साहब धोखे से कुछ सिपाहियों को दूसरी जगह भेज देता है तो लहनासिंह अपनी बुद्धि के बल पर उसकी असलियत भाप लेता है और फिर उसे सबक भी सिखाता है ।

प्रश्न 10 . प्रसंग एवं अभिप्राय बताएँ :

 मृत्यु के कुछ समय पहले स्मृति बहुत साफ हो जाती है । ' जन्म - भर की घटनाएँ एक - एक करके सामने आती हैं । सारे दृश्यों के रंग साफ होते हैं ; समय की धुंध बिल्कुल ऊपर से छट जाती है । .

 उत्तर :- प्रस्तुत पंक्ति हमारे हिंदी पाठ्यपुस्तक दिगंत भाग 2 के द्वितीय अध्याय “उसने कहा था” से लिया गया है। जिसके लेखक चंद्रधर शर्मा गुलेरी जी हैं । प्रस्तुत पंक्ति के माध्यम से यह दिखाना चाहते हैं कि जब मृत्यु आती है तो उससे पहले की स्मृति साफ हो जाती है और उससे समय का धुंध बिल्कुल भी हट जाता हैयह प्रसंग उस समय का है जब लहनासिंह घायल हो जाता है और बोधासिंह को अस्पताल ले जाया जाता है । उसी अंत : स्थिति में लहनासिंह वजीरा से पानी मांगता है और अपने अतीत की यादों में खो जाता है ।

प्रश्न 11 . मर्म स्पष्ट करें

( क ) अब के हाड़ में यह आम खूब फलेगा । चाचा भतीजा दोनों यहीं बैठकर आम खाना । जितना बड़ा भतीजा है उतना ही यह आम है । जिस महीने उसका जन्म हुआ था उसी महीने में इसे लगाया था ।

( ख ) “ और अब घर जाओ तो कह देना कि मुझे जो उसने कहा था वह मैने कर दिया । "

 उत्तर ( क ) प्रस्तुत पंक्तियाँ ' उसने कहा था ' शीर्षक कहानी का है । इन पंक्तियों में लहना सिंह का सपना था कि उसका अपने गाँव में बाग हो जिसमें खरबूजे और आम पर फूले जिसे वह अपने भतीजे के साथ खाए । लहनासिंह स्वप्नवादी व्यक्ति है । ग्राम्य संस्कृति में जन्म लेने की वजह से उसका स्वप्न कल्पतरु की भाँति पुष्पित तथा पल्लवित हुआ है । किसानी संस्कृति जिस तरह से उन्मुक्त वातावरण का द्योतक होती है ठीक उसी तरह से वह वहाँ के जन - जीवन में जान फूंक देने के लिए मानव - मस्तिष्क के अन्दर स्वच्छन्द तथा उन्मुक्त आकाश को विस्तार देता है । आत्मीयता के बोध से लवरेज लहनासिंह का स्वप्न एक बार फिर स्मृतियों में कौंधने लगता है जब वह जीवन की आखिरी छोर पर खड़ा है । सुखद स्वप्न का साकार न होना हृदयगत भावनाओं को जहाँ ठेस पहुंचाता है ।

( ख ) प्रस्तुत पंक्तियाँ ' उसने कहा था ' शीर्षक कहानी का है , इन पंक्तियों में उस समय का वर्णन है जब लहनासिंह मरणासन्न स्थिति में है , शत्रुओं की गोलियाँ शरीर में लगी है । उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है । बीते हुए दिन की स्मृतियाँ उसे झकझोर रही है । ऐसी स्थिति में वह वजीरा से कहता है कि वह ( वजीरा ) जब घर जाएगा तो उस ( सुबेदारनी ) को कह देगा कि लहना सिंह को उसने जो कहा था , उसने ( लहना ) वह पूरा कर दिया अर्थात् उसने सूबेदार हजारा सिंह एवं उसके पुत्र बोधासिंह के प्राणों की रक्षा अपने जीवन का बलिदान कर की है । उसने अपने वचन का पालन किया है । इस प्रकार विद्वान लेखक ने यहाँ पर लहना सिंह के उदार चरित्र का वर्णन किया है । लहना सिंह ने उच्च जीवन सिद्धान्तों के पालन का आदर्श प्रस्तुत किया है । उसका जीवन कर्तव्य परायणता , निष्ठा , उच्च नैतिक मूल्य तथा अपने वचन का पालन करने का एक अनुकरणीय उदाहरण है ।

प्रश्न 12 . कहानी का शीर्षक ' उसने कहा था ' क्या सबसे सटीक शीर्षक है ? अगर हाँ तो क्यों , आप इसके लिए कोई दूसरा शीर्षक सुझाना चाहेंगे , अपना पक्ष रखें ।

उत्तर " उसने कहा था " कहानी की घटनाओं में स्वाभाविक नाटकीयता है जिसकी परिणति मानस - पटल पर विषाद एवं सहानुभूति की अमिट रेखा के रूप में होती है । इसका कथानक मानवीय संवेदना को झकझोर देता है । " उसने कहा था " शीर्षक किसी घटना विशेष की ओर संकेत करती है एवं जिज्ञासा का : सृजन करता है । जाने की उत्सुकता बनी रहती है । एक सटीक तथा उपयुक्त शीर्षक के लिए उसकी कहानी की विषयवस्तु का सम्यक् एवं सजीव परिचय देना है । उसकी सार्थकता पाठक में उत्सुकता की सृष्टि करने पर भी निर्भर करती है । इस कहानी में वातावरण की सृष्टि करने में लेखक को अपूर्व सफलता प्राप्त हुई है । आरम्भ से ही एक कौतूहल पाठक को अपने प्रभाव में बाँध लेता है और कहानी के उत्कर्ष बिन्दु पर पहुंचकर विराम लेता है । इसके अतिरिक्त कहानी का प्रभाव मन में गूंजता रहता है ।लहना सिंह अपनी किशोरावस्था में एक अनजान लड़की के प्रति आसक्त हुआ था किन्तु वह उससे प्रणय - सूत्र में नहीं बँध सका । कालान्तर में उस लड़की का विवाह सेना में कार्यरत एक सूबेदार से हो गया । लहना सिंह भी सेना में भरती हो गया । अचानक अनेक वर्षों बाद उसे ज्ञात हुआ कि सूबेदारनी ( सूबेदार की पत्नी ) ही वह लड़की है जिससे उसने कभी प्रेम किया था । सूबेदारनी ने उससे निवेदन किया कि वह उसके पति तथा सेना में भर्ती एकमात्र पुत्र बोधा सिंह की रक्षा करेगा । लहना सिंह ने कहा था कि वह इस वचन को निभाएगा और अपने प्राणों का बलिदान कर उसने अपनी प्रतिज्ञा का पालन किया । अत : इस शीर्षक से अधिक उपयुक्त कोई अन्य शीर्षक नहीं हो सकता । यह सबसे सटीक शीर्षक है । अत : मेरे विचार में कोई भी अन्य शीर्षक इतना सार्थक नहीं होगा । मेरे द्वारा अन्य शीर्षक देना सर्वथा अनुपयुक्त होगा ।

 प्रश्न 13 . ' उसने कहा था ' कहानी का केन्द्रीय भाव क्या है ? वर्णन करें ।

उत्तर ' उसने कहा था ' प्रथम विश्वयुद्ध ( लगभग 1915 ई . ) की पृष्ठभूमि में लिखी गयी कहानी है । गुलेरी जी ने लहनासिंह और सूबेदारनी के माध्यम से मानवीय संबंधों का नया रूप में नहीं बंध सका सेना में भर्ती हो गया जिससे उसने कभी प्रेम कथा प्रस्तुत किया है । लहना सिंह सूबेदारनी के अपने प्रति विश्वास से अभिभूत होता है क्योंकि उस विश्वास की नींव में बचपन के संबंध है । सूबेदारनी का विश्वास ही लहना सिंह को उस महान त्याग की प्रेरणा देता है । कहानी एक और स्तर पर अपने को व्यक्त करती है । प्रथम विश्वयुद्ध की पृष्ठभूमि पर यह एक अर्थ में युद्ध - विरोधी कहानी भी है । क्योंकि लहनासिंह के बलिदान का उचित सम्मान किया जाना चाहिए था परन्तु उसका बलिदान व्यर्थ हो जाता है और लहनासिंह का करूण अंत युद्ध के विरुद्ध में खड़ा हो जाता है । लहनासिंह का कोई सपना पूरा नहीं होता ।


प्रश्न 1 . गुलेरीजी का जन्म हुआ था

( A ) हरियाणा में       ( B ) जयपुर ( राजस्थान में )     

( C ) काँगड़ा ( हिमाचल प्रदेश में ) ( D ) गुजरात में ।

उत्तर : ( B ) जयपुर ( राजस्थान में )

प्रश्न 2 . ' सुखमय जीवन ' किसकी रचना है ?

( A ) चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी ( B ) देवकीनंदन खत्री

( C ) गोपाल राम गहमरी ( D ) बालकृष्ण भट्ट उत्तर :

 Ans-  चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी

प्रश्न 3 . ' उसने कहा था ' कहानी कब प्रकाशित हुई ?

( A ) 1913 में ( B ) 1912 में

( C ) 1915 में ( D ) 1900 में

उत्तर : ( C ) 1915 में

प्रश्न 4 . लहना सिंह के गाँव का क्या नाम है ?

( A ) मगरे.        ( B ) माँझे

( C ) कटरा.        ( D ) तेलघरिया

उत्तर : ( B ) माँझे

प्रश्न 5 . लहना सिंह किस पद पर था ?

( A ) सूबेदार के ( B ) लेफ्टिनेंट के

( C ) जमादार के ( D ) मेजर के

उत्तर : ( C ) जमादार के

प्रश्न 6 . लहना सिंह की मृत्यु किसकी गोद में हुई ?

 ( A ) कीरत सिंह ( B ) वजीरा सिंह

 ( C ) अंतर सिंह ( D ) महीप सिंह

उत्तरः ( B ) वजीरा सिंह

 प्रश्न 7 . पलटन का विदूषक कौन था ?

( A ) हजारा सिंह ( B ) मुख्तार सिंह

( C ) वजीरा सिंह  ( D ) कीरत सिंह

उत्तरः ( C ) वजीरा सिंह

प्रश्न 8 . सूबेदार हजारा सिंह के लड़के का नाम था

( A ) बोधा सिंह                ( B ) महा सिंह

( C ) कीरत सिंह                ( D ) जगधारी सिंह

उत्तर : ( A ) बोधा सिंह

प्रश्न 9 . भारतीय सिपाहियों का किसके साथ संघर्ष हुआ था ?

( A ) फ्रांसीसियों के साथ         ( B ) तुर्कों के साथ

( C ) अंग्रेजों के साथ                 ( D ) जर्मनी के साथ

उत्तर:- जर्मनी के साथ

प्रश्न 10 . जर्मन ' लपटन ' को किसने मार गिराया ?

 ( A ) सूबेदार ने।                     ( B ) बोधा सिंह ने

 ( C ) लहना सिंह ने                  ( D ) वजीरा सिंह ने

 उत्तर : ( C ) लहना सिंह ने

प्रश्न 11 . सिख राइफल्स के जमादार लहना सिंह का नम्बर क्या था ?

( A ) 77                ( B ) 105

( C ) 1805            ( D ) 72

उत्तर : ( A ) 77

 प्रश्न 12 . सरकार ने सूबेदार को जमीन कहाँ दी हैं ?

 ( A ) संजलपुर में           ( B ) अलावलपुर में

 ( C ) जलालपुर में।         ( D ) लायलपुर में

 उत्तर : ( D ) लायलपुर में

प्रश्न 13 . कौन - सी कहानी चंद्रधर शर्मा गुलेरी की लिखी हुई नहीं है

( A ) ' सुखमय जीवन '       ( B ) ' बुद्ध का काँटा '

( C ) ' उसने कहा था        ( D ) कफन

' उत्तर : ( D ) कफन '

प्रश्न 14 . गुलेरीजी किस गाँव के मूल निवासी थे ?

 ( A ) फतहपुर            ( B ) गुलेर

 ( C ) मनेर               ( D ) गहमर उत्तर :

उत्तर:- ( B ) गुलेर

प्रश्न 15 . ' कछुआ धरम ' किसका निबंध है ?

( A ) गुलाब राय का            ( B ) शांतिप्रिय द्विवेदी का

( C ) महावीर प्रसाद द्विवेदी का   ( D ) चंद्रधर शर्मा गुलेरी का

उत्तर : ( D ) चंद्रधर शर्मा गुलेरी का

प्रश्न 16 . कौन - सा निबंध गुलेरी रचित नहीं है ?

( A ) देवानांप्रिय।               ( B ) मजदूरी और प्रेम '

( C ) पुरानी हिन्दी '            ( D ) मारेसि मोहिं कुठाँव '

उत्तर : ( B ) मजदूरी और प्रेम '

प्रश्न 17 . ' कुड़माई ' का क्या अर्थ होता है ?

( A ) मँगनी                  ( B ) विवाह

( C ) कड़वी बात             ( D ) दहेज

उत्तर : ( A ) मँगनी प्रश्न

18 . बोधा कौन था ?

( A ) हजारा सिंह का भाई।    ( B ) लहना सिंह का भाई

( C ) वजीरा सिंह का भाई      ( D ) सूबेदार हजारा सिंह का बेटा

उत्तर : ( D ) सूबेदार हजारा सिंह का बेटा

प्रश्न 19 . लहना सिंह क्या था ?

( A ) जमादार।        ( B ) सूबेदार

( C ) मेजर           ( D ) कैप्टेन ( कप्तान )

उत्तर : ( A ) जमादार

प्रश्न 20 . चंद्रधर शर्मा गुलेरी की कहानी कौन - सी है ?

( A ) जूठन '        ( B ) ' रोज ' 

( C ) उसने कहा था ' ( D ) तिरिछि     उत्तर:- ( C ) उसने कहा था 

प्रश्न 21 . ' कछुआ धरम ' किसकी कृति है ?

( A ) प्रताप नारायण मिश्र ( B ) बालकृष्ण भट्ट

( C ) रामचंद्र शुक्ल।     ( D ) चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी

उत्तर : ( D ) चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी

 प्रश्न 22 . ' पुरानी हिन्दी ' रचना है?

( A ) रामचंद्र शुक्ल की     ( B ) हजारी प्रसाद द्विवेदी की

( C ) नामवर सिंह की     ( D ) चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी ' की

उत्तर : ( D ) चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी ' की

प्रश्न 23 ' उसने कहा था ' कहानी में किस शहर का चित्रण है ? 

( A ) अमृतसर      ( B ) लुधियाना

( C ) जयपुर।       ( D ) लखनऊ

उत्तर : ( A ) अमृतसर

प्रश्न 24 ' उसने कहा था ' कहानी में किस शहर का चित्रण है ?

( A ) अमृतसर।          ( B ) लुधियाना

( C ) जयपुर                           ( D ) लखनऊ

उत्तर : ( A ) अमृतसर

प्रश्न 25 . लहना सिंह के गाँव का क्या नाम है ?

( A ) मगरे           ( B ) माँझे

( C कटरा              ( D ) तेलघरिया

 उत्तर : ( B ) माँझे

प्रश्न 26 लहना सिंह किस पद पर था ?

 ( A सूबेदार के।          ( B ) लेफ्टिनेंट के

 ( C ) जमादार के         ( D ) मेजर के

 उत्तर : ( C ) जमादार के

प्रश्न 27 . लहना सिंह की मृत्यु किसकी गोद में हुई ?

 ( A ) कीरत सिंह       (B) लेफ्टिनेंट

 ( C ) जमादार के          ( D ) मेजर के उत्तर

 उत्तर : कीरत सिंह 

प्रश्न 27 . लहना सिंह की मृत्यु किसकी गोद में हुई ?

( A ) कीरत सिंह ( B ) वजीरा सिंह 

( C ) अतर सिंह ( D ) महीप सिंह

उत्तर : ( B ) वजीरा सिंह

प्रश्न 28 . पलटन का विदूषक कौन था ?

( A ) हजारा सिंह         ( B ) मुख्तार सिंह

 ( C ) वजीरा सिंह        ( D ) कुलदीप सिंह

उत्तर : ( C ) वजीरा सिंह

 प्रश्न 29 . सूबेदार हजारा सिंह के लड़के का नाम था?

( A ) बोधा सिंह।        ( B ) महा सिंह

( C ) कीरत सिंह।       ( D ) जगधारी सिंह

उत्तर : ( A ) बोधा सिंह

 प्रश्न 30 . भारतीय सिपाहियों का किसके साथ संघर्ष हुआ था ?

( A ) फ्रांसीसियों के साथ       ( B ) तुर्कों के साथ

( C ) अंगरेजों के साथ         ( D ) जर्मनी के साथ

उत्तर : ( D ) जर्मनी के साथ

प्रश्न 31 . जर्मन ' लपटन ' को किसने मार गिराया ?

( A ) सूबेदार ने            ( B ) बोधा सिंह ने

( C ) लहना सिंह ने         ( D ) वजीरा सिंह ने

उत्तर : ( C ) लहना सिंह ने

प्रश्न32  सिख राइफल्स के जमादार लहना सिंह का नम्बर क्या था ? 

( A ) 77                    ( B ) 105

( C ) 1805                 ( D ) 72

 उत्तर : ( A ) 77

प्रश्न 33 . सरकार ने सूबेदार को जमीन कहाँ दी है ?

 ( A ) संजलपुर में।       ( B ) अलावलपुर में

( C ) जलालपुर में         ( D ) लायलपुर में

उत्तर :लायल पुर

प्रश्न 34 . गुलेरीजी का जन्म हुआ था

( A ) हरियाणा में।             ( B ) जयपुर ( राजस्थान ) में

 ( C ) काँगड़ा ( हिमाचल प्रदेश ) में       ( D ) गुजरात में

उत्तरः ( B ) जयपुर ( राजस्थान ) में

प्रश्न 35 . ' सखमय जीवन ' किसकी रचना है ?

( A ) चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी '    ( B ) देवकीनंदन खत्री

( C ) गोपाल राम गहमरी      ( D ) बालकृष्ण भट्ट

उत्तर : ( A ) चंद्रधर शर्मा ' गुलेरी '

प्रश्न 36 . ' उसने कहा था ' कहानी कब प्रकाशित हुई ?

( A ) 1913 में        ( B ) 1912 में

( C ) 1915 में         ( D ) 1900 में

उत्तर : ( C ) 1915 में


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