रोज पाठ्य पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर [5]
प्रश्न 1 . मालती के घर का वातावरण आपको कैसा
लगा ? अपने शब्दों में लिखिए ।
उत्तर:-
कहानी के प्रथम भाग में ही मालती के यन्त्रवत् जीवन की झलक मिल जाती है जब वह
अतिथि का स्वागत केवल औपचारिक ढंग से करती है । अतिथि उसके दूर के रिश्ते का भाई
है । जिसके साथ वह बचपन में खूब खेलती थी पर वर्षों बाद आए भाई का स्वागत
उत्साहपूर्वक नहीं कर पाती बल्कि जीवन की अन्य औपचारिकताओं की तरह एक और औपचारिकता
निभा रही है । हम देखते हैं कि मालती अतिथि से कुछ नहीं पूछती बल्कि उसके प्रश्नों
के संक्षिप्त उत्तर ही देती है । उसमें अतिथि की कुशलता या उसके वहाँ आने का
उद्देश्य या अन्य समाचारों के बारे में जानने की कोई उत्सुकता नहीं दिखती । यदि
पहले कोई उत्सुकता , उत्साह जिज्ञासा या किसी बात के लिए उत्कंठा भी थी तो वह दो
वर्षों के वैवाहिक जीवन के बाद शेष नहीं रही ।विगत दो वर्षों में उसका व्यक्तित्व
बुझ - सा गया है जिसे उसका रिश्ते का भाई भाँप लेता है । अत : मालती का मौन उसके
दम्भ का या अवहेलना का सूचक नहीं बल्कि उसके वैवाहिक जीवन की उत्साहहीनता , नीरसता
और यान्त्रिकता का ही सूचक है । यह एक विवाहित नारी के अभावों में घुटते हुए पंगु
बने व्यक्तित्व की त्रासदी का चित्रण है । यह एक नारी के सीमित घरेलू परिवेश में
बीतते ऊबाऊ जीवन का चित्रण है ।
प्रश्न 2 . '
दोपहर में उस सूने आँगन में पैर रखते ही मुझे ऐसा जान पड़ा , मानो उस पर किसी शाप
की छाया मँडरा रही हो ' , यह कैसी शाप की छाया है ? वर्णन कीजिए ।
उत्तर :-
जब लेखक दोपहर के समय मालती के घर पहुंचा तो उसे ऐसा
प्रतीत हुआ कि मानो वहाँ किसी शाप की छाया मँडरा रही हो । यह शाप की छाया उस घर
में रहने वाले लोगों के बीच अपनेपन तथा प्रेमभाव का न होना थी । वहाँ रहने वाला
परिवार एक ऊब भरी , नीरस और निर्जीव जिन्दगी जी रहा था । माँ को अपने इकलौते बेटे
के चोट लगने या उसके गिरने से कोई पीडा नहीं होती है । इसी प्रकार एक पति को अपने
काम - काज से इतनी भी फुर्सत नहीं है कि वह अपनी पत्नी के साथ कुछ समय बिता सके ।
इस कारण उसे एकाकी जीवन जीना पड़ता है । इस प्रकार यह शाप पति - पत्नी और बच्चे
तीनों को ही भुगतना पड़ता है ।
प्रश्न 3 .
लेखक और मालती के संबंध का परिचय पाठ के आधार पर दें ।
उत्तर :- लेखक
और मालती के बीच एक घनिष्इ संबंध है । मालती लेखक की दूर के रिश्ते की बहन है ,
लेकिन दोनों के बीच मित्र जैस संबंध है । दोनों बचपन में इकट्ठे खेले लड़े और पिटे
हैं । दोनों की पढ़ाई भी साथ ही हुई थी । उनका रिश्ता सदा मित्रतापूर्ण रहा था ,
वह कभी भाई - बहन या बड़े - छोटे के बंधन में नहीं बंधे थे ।
प्रश्न 4
मालती के पति महेश्वर की कैसी छवि आपके मन में बनती है ? कहानी में . महेश्वर की
उपस्थिति क्या अर्थ रखती है ? अपने विचार दें ।
उत्तर :- कहानीकार अज्ञेय ने महेश्वर के नित्य कर्म का जो
संक्षिप्त चित्र प्रस्तुत किया है पता चलता है कि वह रोज सबेरे डिस्पेन्सरी चला
जाता है दोपहर को भोजन करने और कुछ आराम करने के लिए आता है , शाम को फिर
डिस्पेन्सरी जाकर रोगियों को देखता है । उसका जीवन भी रोज एक ही ढर्रे पर चलता है
। एक यांत्रिक जीवन की यन्त्रणा पहाड़ के एक छोटे स्थान पर मालती का पति भी भोग
रहा है । यांत्रिक जीवन के संत्रास के शिकार सिर्फ बड़े शहरों के ही लोग नहीं हैं
पहाड़ों के एकान्त में उसके शिकार मालती और महेश्वर भी है । महेश्वर भी इस एक एक
ढर्रे पर चलती हुई खूटे पशु की तरह उसी के इर्द - गिर्द चक्कर लगाने वाली जिन्दगी
से उकताए हुआ है ।
प्रश्न 5 .
गैंग्रीन क्या है ?
उत्तर :- पैंग्रीन एक खतरनाक रोग है ।
पहाड़ियों पर रहने वाले व्यक्तियों पैरों में काँटा चुभना आम बात है । परन्तु
काँटा चुभने के बाद बहुत दिनों तक छोड़ देने के बाद व्यक्ति का पाँव जख्म का शक्ल
अख्तियार कर लेता है जिसका इलाज मात्र पाँव का काटना ही है । कभी - कभी तो इस रोग
से पीड़ित रोगी की मृत्यु तक हो जाती है ।
प्रश्न 6 .
कहानी से उन वाक्यों को चुनें जिनमें ' रोज ' शब्द का प्रयोग हुआ है ?
उत्तर :- सर्वप्रथम
कहानी का शीर्षक ही रोज है । इसके अलावे कई स्थानों पर रोज शब्द का प्रयोग हुआ है
। . . मालती टोककर बोली , ऊँहूँ मेरे लिए तो यह नई बात नहीं है रोज ही ऐसा होता है
..। • क्यों पानी को क्या हुआ ? रोज ही होता है , कभी वक्त पर आता नहीं । मैं तो
रोज ऐसी बातें सुनती हूँ । मालती का जीवन अपनी रोज की नियत गति से बहा जा रहा था
और एक चन्द्रमा की चन्द्रिका के लिए एक संसार के लिए रूकने को तैयार नहीं था । •
मालती ने रोते हुए शिशु को मुझसे लेने के लिए हाथ बढ़ाते हुए कहा , “ इसको चोटें
लगती ही रहती है , रोज ही गिर पड़ता है ।
प्रश्न 7 .
आशय स्पष्ट करें –
मुझे ऐसा लग रहा था
कि इस घर पर जो छाया घिरी हुई है , वह अज्ञात रहकर भी मानो मुझे वश में कर रही है
, मैं भी वैसा ही नीरस निर्जीव सा हो रहा हूँ जैसे हाँ जैसे ..... यह घर जैसे
मालती ।
उत्तर :-
प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम से लेखक वातावरण ,
परिस्थिति और उसके प्रभाव में ढलते हुए एक गृहिणी के चरित्र का चित्रण अत्यन्त
कलात्मकता रीति से किया है । अतिथि तो मालती के घर में कई वर्षों बाद कुछ समय के
लिए आया है पर अतिथि को लगता है कि उस घर पर कोई काली छाया मँडरा रही है । उसे
अनुभव होता है कि इस घर पर जो छाया घिरी हुई है वह अज्ञात रह कर मानों मुझे भी वश
में कर रही है मैं भी वैसा ही नीरस निर्जीव सा हो रहा हूँ जैसे हाँ - जैसे यह घर
जैसे मालती । लगता है कि अतिथि भी उस काली छाया का शिकार हो गया है , जो उस घर पर
मँडरा रही है । यहाँ मालती के अन्तर्द्वन्द्व के साथ अतिथि का अन्तर्द्वन्द्व भी
चित्रित हुआ है । उस घर की जड़ता , नीरसता , ऊबाहट ने जैसे अनाम अतिथि को भी
आच्छादित कर लिया है । अतिथि भी घर की जड़ता का शिकार हो जाता है ।
प्रश्न 8 . '
तीन बज गए ' , ' चार बज गए ' , ' ग्यारह बज गए ' , कहानी में घंटे की इन खड़कों के
साथ - साथ मालती की उपस्थिति है । घंटा बजने का मालती से क्या संबंध है ?
उत्तर :- ' तीन बज गए
' ' चार बज गए ' , ' ग्यारह बज गए ' से लगता है कि मालती प्रत्येक घंटा मिनती रहती
है । समय उसके लिए पहाड़ जैसा है । एक घंटा बीतने पर उसे लगता हे चलो एक मनहूस
घंटा तो बीता । घर में नौकर नहीं है तो बर्तन माँजने के लिए पानी चाहिए जो रोज ही
वक्त पर नहीं आता है । मालती के इस कथन में कितनी विवशता है " रोज ही होता है
आज शाम को सात बजे आएगा । “ उस घर में बच्चे का रोना , उसके द्वारा प्रत्येक घंटा
की गिनती करना , महेश्वर का सुबह , शाम डिस्पेन्सरी जाना सब कुछ एक जैसा है । यह
सब कुछ एक जैसा उसके एक ढर्रे पर चल रही नीरस , ऊबाउ जिन्दगी का परिणाम है कि वह
घंटे गिनने को मजबूर है । जैसे ही उसका घंटा पार होता है थोड़ी वह राहत महसूस करती
है ।
प्रश्न 9 .
अभिप्राय स्पष्ट करें :
( क ) मैंने देखा , पवन में चीड़ के वृक्ष ....
गर्मी में सूखकर मटमैले हुए चीड़ के वृक्ष धीरे - धीरे गा रहे हो ...... कोई राग
जो कोमल है , किन्तु करुण नहीं अशांतिमय है , उद्वेगमय नहीं ।
( ख ) इस समय मैं यही सोच रहा था कि बड़ी उद्धत
और चंचल मालती आज कितनी सीधी हो गई है , कितनी शांत और एक अखबार के टुकड़े को
तरसती है ..... यह क्या ... यह .
उत्तर:-
( क )
प्रस्तुत पंक्तियाँ रोज शीर्षक कहानी से उद्धत है । इसमें विद्वान लेखक अज्ञेय जी
ने प्रकृति के माध्यम से जीवन के उन पक्षों का रहस्योद्घाटन करने की कोशिश की गई
जिससे मानव जीवन प्रभावित है । इन पंक्तियों में लेखक द्वारा चाँदनी का आनन्द लेना
, सोते हुए बच्चे का पलंग से नीचे गिर जाना , ऐसे प्रसंग हैं जो नारी के जीवन को
विषम स्थिति के सूचक हैं । लेखक द्वारा प्रकृति से जुड़कर नारी की अन्तर्दशाओं को
देखना एक सूक्ष्म निरीक्षण है । चीड़ के वृक्ष का गर्मी से सूखकर मटमैला होना
मालती के नीरस जीवन का प्रतीक है ।चीड़ के वृक्ष जो धीरे - धीरे गा रहे हैं कोई
राग जो कोमल है यह नारी के कोमल भावनाओं के प्रतीक है । किन्तु करुण नहीं
अशान्तिमय है किन्तु उद्वेगमय नहीं । यह मालती के नीरस जीवन का वातावरण से समझौता
का प्रतीक है । हमें यह जानना चाहिए कि जहाँ उद्वेग होगी , वहीं सरसता होगी ।
परन्तु मालती के जीवन में सरसता नहीं है । वह जीवन के एक ढर्रे पर रोज - रोज एक
तरह का काम करने , एकरस जीवन , उसकी सहनशीलता आदि उसके जीवन को ऊबाऊ बनाते हैं ।
मालती के लिए यह एक त्रासदी है । जहाँ नारी की आशा - आकांक्षा सब एक घुटनभरी
जिन्दगी में कैद हो Uजाती है
।नारी के जीवन में जो राग - रंग होने चाहिए यहाँ कुछ नहीं है । यहाँ दुख की स्थिति
यह है कि घुटनभरी जिन्दगी को सरल बनाने के बजाए उससे समझौता कर लेती है । यही उसके
अशान्ति का कारण है । मालती को अपना जीवन मात्र घंटों में दिखाई देता है । वह
घंटों से छूटने का प्रयास करने के बजाय उसके निकलने पर थोड़ी राहत महसूस तो करती
है । परन्तु घंटे के फिर आगे आ जाने पर नीरस हो जाती है । यही राग है जो कोमल है ,
किन्तु करुण नहीं , अशान्तिमय है । मालती की जिजीविषा यदा - कदा प्रकट होती है जो
समझौते और परिस्थितियों के प्रति सहनशीलता का है । इसके मूल में उसकी पति के प्रति
निष्ठा और कर्तव्यपरायणता को अभिव्यक्त करती है । वह भी परंपरागत सोच की शिकार है
जो इसमें विश्वास करती है कि यही उसके जीवन का सच है , इससे इतर वह सोच भी नहीं
सकती । यही कारण है उसके दाम्पत्य जीवन में रोग की कमी व्यजित होती है ।
( ख ) प्रस्तुत पंक्तियाँ प्रतिष्ठित साहित्यकार
अज्ञेय द्वारा रचित रोज शीर्षक पाठ से उद्धृत है । प्रस्तुत पंक्तियों के माध्यम
से लेखक मालती के बचपन के दिनों को याद करता है कि मालती कितनी चंचल लड़की थी । जब
हम स्कूल में भरती हुए थे तो हम हाजिरी हो चुकने के बाद चोरी से क्लास से भाग जाते
थे और दूर के बगीचों के पेड़ों पर चढ़कर कच्ची अमियाँ तोड़ - तोड़ खाते थे ।।
मालती पढ़ती भी नहीं थी , उसके माता - पिता तंग थे । लेखक इसी प्रसंग से जुड़ा एक
वाक्य सुनाता है कि मालती के पिता ने एक किताब लाकर पढ़ने को दी । जिसे प्रतिदिन
20-20 पेज . पढ़ना था । मालती रोज उतना पन्ना फाड़ते जाती थी । इस प्रकार पूरी
किताब फाड़कर फेंक डाली ।लेखक उपर्युक्त बातों के आलोक में आज की मालती जिसकी शादी
हो गई । और उसके बच्चे भी हैं , उसमें आये बदलाव को लेकर चिंतित है । आज मालती
कितनी सीधी हो गई है । जिंदगी एक दर्रे में होने के कारण मालती यंत्रवत
कर्त्तव्यपालन को मजबूत है । लेखक ने देखा कि पति महेश्वर ने मालती को आम लाने के
लिए कहा । आम अखबार के एक टुकड़े में लिपटे थे । अखबार का टुकड़ा सामने आते ही
मालती उसे पढ़ने में ऐसी तत्लीन हो गयी है , मानो उसे अखबार पहली बार मिला हो ।
इससे पता चलता है कि वह अपनी सीमित दुनिया से बाहर निकलकर दुनिया के समाचार जानने
को उत्सुक है । वह अखबार के लिए भी तरस गई थी । उसके जीवन के अनेक अभावों में
अखबार का अभाव भी एक तीखी चुभन दे गया । यह जीवन की जड़ता के बीच उसकी जिज्ञासा और
जीवनेच्छा का प्रतीक है । इस तरह लेखक एक मध्यवर्गीय नारी को अभावों में भी जीने
की इच्छा का संकेत देखता है और जीवन संघर्ष की प्रेरणा देता है ।
प्रश्न 10 .
कहानी के आधार पर मालती के चरित्र के बारे में अपने शब्दों में लिखिए ।
उत्तर :- प्रस्तुत काहनी ' रोज ' की मालती मुख्य पात्र
तथा नायिका है । बचपन में वह बंधनों से पड़े उन्मुक्त और स्वच्छंद रहकर चंचल हिरणी
के समान फुदकती रहती है । उसका रूप - लावण्य बरबस ही लोगों को आकर्षित करता है ।
महज चार - पाँच वर्षों के अन्तराल में ही विवाहिता है , एक बच्चे का माँ भी है ।
उसके जीवन में मूलभूत परिवर्तन सहज ही दृष्टिगोचर होता है । वह वक्त के साथ समझौता
करनेवाली कुशल गृहिणी तथा वात्सल्य की वाटिका है । चार साल पहले मालती उद्धात और
चंचल था । विवाहोपरान्त उसने अपने जीवन को यंत्रवत् बना लिया है । उसका शरीर जीर्ण
- शीर्ण होकर कान्तिविहीन हो गया है । वह शांत और सीधी बन गई है । वह अपने जीवन को
परिवार की धुरी पर नाचने के लिए छोड़ देती है । मालती भारतीय मध्यवर्गीय समाज के
घरेलू स्त्री के जीवन और मनोदशा का सजीव प्रतीक केन्द्रित करने के लिए बाध्य करती
है ।
प्रश्न 11 .
बच्चे से जुड़े प्रसंगों पर ध्यान देते हुए उसके बारे में अपने शब्दों में लिखिए ।
उत्तर :- रोज
' शीर्ष कहानी की नायिका मालती का पुत्र टिटी बाल - सुलभ रस से परिपूरित है ।
यद्यपि वह दुर्बल , बीमार तथा चिड़िचिड़ा है तथापि वह ममता को एकांकी जीवन का आधार
से रात ग्यारह बजे तक घर के कार्यों में अपने को व्यस्त रखती है । अपरिचितों को
देखकर बच्चों की प्रतिक्रिया का सजीव जिक्र इन पंक्तियों से स्पष्ट होता है __
मैंने पंक्तियों के अध्ययन लेखक का मनोविज्ञान पकड़ को भी दर्शाता है । वास्तव में
बच्चा एकांत समय का बड़ा ही सारगर्भित समय बिताने में सोपान का कार्य करता है ।
बच्चे के साथ अपने को मिलाकर एक अनन्य आनन्द की प्राप्ति होती है । बच्चे की
देखभाल करने के लिए माता - पिता को ध्यान देना पड़ता है और इससे इनमें सजगता आती
है । वास्तव में बच्चा मानव - जीवन की अमूल्य निधि है । बच्चे में घुल - मिलकर
मनुष्य अपने दुष्कर समय को समाप्त कर सकता है ।
रोज भाषा की बात
प्रश्न 1 . उद्वेगम
, शान्तिमय शब्दों में ' मय ' प्रत्यय लगा हुआ है । ' मय ' प्रत्यय से पाँच अन्य
शब्द बनाएँ ।
उत्तर :- ' मय ' प्रत्यय से बने अन्य शब्द - जलमय , दयामय , ध्यानमय
, ज्ञानमय , भक्तिमय ।
प्रश्न 2 . दिए गए वाक्यों में कारक चिह्न को
रेखांकित करे और वह किस कारक का चिह्न है , यह भी बताएँ ।
( क ) थोड़ी देर
में आ जाएँगें ।
( ख ) मैं कमरे के
चारों तरफ देखने लगा ।
( ग ) हम बचपन से
इकट्ठे खेले हैं ।
( घ ) तभी किसी ने
किवाड़ खटखटाए ।
( ङ ) शाम को एक -
दो घंटे फिर चक्कर लगाने के लिए जाते हैं ।
( च ) एक छोटे क्षण
भर के लिए मैं स्तब्ध हो गया ।
उत्तर :- ( क ) में - अधिकरण कारक । ( ख ) के - संबंध कारक । ( ग ) से - करण कारक । ( घ ) ने - कर्ता कारक । ( ङ ) को , के लिए - सम्प्रदान कारक । ( च ) के लिए -
सम्प्रदान कारक ।
प्रश्न 3 . उसने
कहा , " आ जाओ । ” यहाँ " आ जाओ ” संयुक्त क्रिया है , पाठ से ऐसे पाँच
वाक्य चुनें जिनमें संयुक्त क्रिया का प्रयोग हुआ हो ।
उत्तर :- उसने कहा “ आ जाओ " में संयुक्त क्रिया है । पाठ से
ऐसे पाँच वाक्य निम्नलिखित हैं जिनमें संयुक्त क्रिया है .
कोई आता - जाता है
तो नीचे से मँगा लेते हैं ।
तुम कुछ पढ़ती -
लिखती नहीं ?
एक काँटा चुभा था ,
उसी से हो गया ।
हर दूसरे - चौथे
दिन एक केस आ जाता है ।
वह मचलने लगा और
चिल्लाने लगा । .
प्रश्न 4 . आपने
दिगंत ( भाग -1 ) में प्रेमचन्द की कहानी ' पूस की रात ' पढ़ी थी , ' पूस की रात '
की भाषा और शिल्प को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत कहानी की भाषा और शिल्प पर विचार
कीजिए । दोनों कहानीकारों में इस आधार पर भिन्नता के कुछ बिन्दुओं को पहचानिए और
उसे कक्षा में प्रस्तुत कीजिए ।
उत्तर:- प्रस्तुत कहानी की भाषा और शिल्प ' पूस की रात ' के समान ही
सरल , सहज तथा प्रसंगानुकूल है । भाषा में कहीं भी ठहराव की स्थिति नहीं है और वह
कथ्य को प्रवाह के साथ आगे बढ़ाती है । भाषा में विभिन्न प्रकार के शब्दों का
प्रयोग है । मुहावरों के प्रयोग से भावों को सरलतापूर्वक अभिव्यक्त किया है ।
संवाद शैली के कारण वाक्य छोटे - छोटे हैं जिससे भाषा का प्रवाह दुगुना हो गया है
। चित्रात्मकता , भावानुकूलता तथा काव्यात्मकता जैसे गुण भी भाषा में विद्यमान हैं
। वर्णनात्मक शैली के प्रयोग से कथ्य को बिलकुल सरल बना दिया गया है ।दोनों
कहानीकारों की भाषा में भिन्नता के कुछ बिन्दु शब्द प्रयोग- रोज ' आधुनिक परिवेश
पर आधारित कहानी है । इसलिए इसमें देशज शब्दों का प्रयोग कम है जबकि ' पूस की रात
' में देशज शब्दों का भरपूर प्रयोग है । संवादात्मक शैली - रोज ' कहानी में
संवादात्मक शैली का प्रयोग प्रमुखता से किया गया है जबकि ' पूस की रात ' में सीमित
संवाद है ।आम बोलचाल की भाषा - दोनों ही कहानियों में आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग
किया गया है । लेकिन जहाँ ' रोज ' कहानी में भाषा शहरी परिवेश की है तो वहीं ' पूस
की रात ' में भाषा ग्रामीण परिवेश पर आधारित है ।
प्रश्न 5 . नीचे
दिए गए वाक्यों में अव्यय चुनें :-
( क ) अब के नीचे
जाएँगे तो चारपाइयाँ ले आएँगे ।
( ख ) एक बार तो
उठकर बैठ भी गया था , पर तुरंत ही लेट गया ।
( ग ) टिटी मालती
के लेटे हुए शरीर से चिपट कर चुप हो गया था , यद्यपि कभी एक - आध सिसकी उसके छोटे
से शरीर को हिला देती थी ।
उत्तर:- ( क ) तो ( ख ) तो
, पर ( ग ) यद्यपि
बस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तरी
1. सच्चिदानंद हीरानंद
वात्स्यायन ' अज्ञेय ' द्वारा लिखी हुई कहानी कौन - सी है ?
( A ) तिरिछ ( B ) रोज ( C ) उसने कहा था ( D ) सुखमय
जीवन। Ans . (
B )
2. अज्ञेय मूलतः क्या
है ?
( A ) निबन्धकार ( B ) उपन्यासकार ( C
) कहानीकार ( D
) व्यंग्यकार ans. C
3. अज्ञेय जी ने इन्टर कहाँ
से किया था ?
( A ) मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज (
B ) पंजाब कॉलेज से ( C ) फोरमन कॉलेज
से ( D ) इनमें
से कहीं से नहींAns . ( A
4. अज्ञेय जी की पहली कहानी
कब प्रकाशित हुई ?
( A ) 1920 में ( B ) 1924 में ( C ) 1928 में ( D ) 1932 में। Ans . ( B )
5. महेश्वर की पत्नी का नाम
क्या है ?
( A ) मालती ( B
) लालती ( C
) प्रभावती ( D
) कलावती
Ans . ( A )
6. अज्ञेय जी की कौन - सी
कहानी ' गैंग्रीन ' शीर्षक नाम से प्रसिद्ध है ?
( A ) छोड़ा हुआ रास्ता ( B ) विपथगा ( C
) ये तेरे प्रतिरूप।
( D ) रोज। Ans . ( D )
7. लेखक कितने वर्षों
बाद मालती से मिलने आया था ?
( A ) दो वर्ष।
( B ) चार वर्ष ( C ) पाँच वर्ष ( D
) आठ वर्ष Ans
. ( B )
8. मालती के पति किस बीमारी का ऑपरेशन करके आये थे ?
( A ) पथरी ( B ) कैंसर
( C ) गैंग्रीन ( D
) इनमें से कोई नहीं
Ans . ( C )
9. मालती के पति का नाम क्या
था ?
( A ) युगेश्वर ( B ) महेश्वर ( C ) राजेश्वर ( D ) परमेश्वर Ans . ( B )
10. भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा
अज्ञेय जी को कौन - सा पुरस्कार मिला था ?
( A ) पदमश्री (
B ) पदमविभूषण
( C ) भारतीय
ज्ञानपीठ पुरस्कार ( D ) इनमें
से कोई नहीं Ans
. ( C )
11. अज्ञेय जी ने घर में किस हस्तलिखित पत्रिका का
सम्पादन किया ?
( A ) लोकबंधु ( B ) आनन्दबंधु ( C ) देशबंध
( D
) इनमें से कोई नहीं Ans . ( B )
12. अज्ञेयजी की
पहली कहानी किस पत्रिका में प्रकाशित हुई ?
( A
) प्रभा में। ( B ) ज्योति
में ( C ) पत्रिका
' सेवा ' ( D
) इनमें कोई नहीं Ans
. ( C )
13. महेश्वर कौन
- सा फल लेकर आया था ?
( A ) आम (
B ) केला। (
C ) सेव (
D ) संतरा Ans
. ( A )
14. ' रोज ' कहानी
का कौन - सा पात्र डॉक्टरी पेशा से जुड़ा था ?
( A ) मालती ( B ) महेश्वर
(
C ) मालती के
रिश्ते का भाई (D ) इनमें
से कोई नहीं Ans . ( B )
15. अज्ञेय जी ने कितनी वर्ष की उम्र में कविता लिखना
शुरू किया ?
( A ) दस
वर्ष ( B
) बारह वर्ष। ( C ) पन्द्रह
वर्ष ( D
) बीस वर्ष। Ans . ( A )
16. मालती का
पति क्या है ?
( A ) डॉक्टर
( B
) वकील ( C ) प्राध्यापक
( D
) अभियंता Ans
. ( A )
17. ' तारसप्तक ' का संपादक कौन है ?
( A ) विद्यानिवास
मिश्र ( B
) धर्मवीर भारती
(
C ) कन्हैयालाल
नंदन ( D ) सच्चिदानंद
हीरानंद वात्स्यायन ' अज्ञेय। Ans
. ( D )
18. ' अज्ञेय '
किस वाद से सम्बन्धित हैं ?
(
A ) छायावाद (
B ) प्रयोगवाद ( C
) रहस्यवाद (
D ) स्वच्छंदतावाद
Ans . ( B )
19
: इनमें ' अज्ञेय ' का नाटक कौन है ? Answer:-
उत्तर प्रियदर्शी
20 .
' रोज ' शीर्षक कहानी के लेखक कौन हैं ?
( A
) नामवर सिंह। ( B ) ' अज्ञेय
( C
) मोहन राकेश (
D ) उदय प्रकाश।
Ans
. ( B )
21.
' शेखर : एक
जीवनी ' किस विधा की कृति है ?
( A ) निबंध। ( B ) आलोचना। ( C ) उपन्यास। ( D ) जीवनी।
Ans . ( C )
22. ' अज्ञेय ' की
माँ का नाम था ?
( A ) शीला
देवी। ( B ) व्यंती
देवी ( C
) राधा देवी (
D ) शकुंतला
देवी Ans . ( B )
23.
' रोज ' इनमें से क्या है ?
( A ) निबंध। ( B ) कहानी
( C
) उपन्यास का अंश। ( D ) आलोचना
का अंश Ans . ( B )
24. ' उत्तर
प्रियदर्शी ' नाटक के नाटककार हैं ?
( A ) जगदीशचन्द्र
माथुर। ( B ) ' अज्ञेय
' ( C
) जयशंकर प्रसाद। ( D ) हरेकृष्ण
' प्रेमी Ans . ( B )
25.
कौन - सी कृति ' अज्ञेय ' की नहीं है ?
( A ) ' पल्लव
' ( B ) कितनी
नावों में कितनी बार '
(
C ) ' सदानीरा ' (
D ) ' हरी घास पर
क्षणभर Ans
. ( A )
26. कौन
- सी कृति ' अज्ञेय ' की है ?
( A ) रसवंती
( B
) ' नदी के द्वीप (
C ) मंगलसूत्र ' ( D ) ' कंकाल
' Ans
. ( B )
27. ' रोज ' कहानी में अतिथि बनकर आता है ?
( A ) मालती
का चाचा ( B ) मालती
का मामा
( C ) मालती
के दूर के रिश्ते का भाई ( D ) मालती
का पिता Ans
. ( C ) 28. ' रोज
' कहानी घंटे की किस खड़कन के साथ समाप्त होती है ?
( A
) चार (
B ) तीन। ( C ) दो
( D
) ग्यारह। Ans . ( D )
29
' अज्ञेय ' को ज्ञानपीठ पुरस्कार किस रचना पर प्राप्त हुआ ?
( A ) कितनी
नावों में कितनी बार। ( B ) बाबरा
अहेरी
( C ) आँगन
के पार द्वार ( D
) शेखर : एक जीवनी। Ans . ( A )
30 . अज्ञेय
का जन्म हुआ था
( A ) 7 मार्च
, 1911 को ( B
) 18 मार्च , 1912 को
( C ) 23 अप्रैल
, 1911 को। ( D ) 25 मई
, 1913 को Ans
. ( A )
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