ओ सदानीरा
"ओ सदानीरा" चंपारण की भूमि पर लिखा गया एक यात्रा स्मरण है। यह निबंध जगदीश माथुर जी के द्वारा लिखा गया है। लेखक कहते है कि इस पावन भूमि पर अनेक महान व्यक्तियों का कर्मस्थली रहा है। कालान्तर में बाहर से अनेक आक्रमणकारी तथा अन्य प्रदेशों के अनेक जनजातियाँ आये और बस गये। यह धरती विभिन्न संस्कृतियों का संगम स्थल है। महात्मा गाँधी जी यहाॅ पर 1917 में अपने पावन कदम रखे और अनेक विद्यालय, आश्रम बनवाये। यहाॅ पावन गंडक नदी बहती है। यहाँ अनेक तीर्थो के अवशेष' और समाधियाँ बिखरी पड़ी है । यहाॅ पर भारतीय इंजीनियर और मजदूर गंडक घाटी में 120 मील लम्बी नहर बना रहे है । भैंसालोटन में लगभग 3000 फुट लम्बा बैराज बन रहा है। अंत में लेखक जगदीश माथुर जी गंडक नदी को ओ सदानीरा, ओ चक्रा, ओ नारायणी, ओ मत गंडक आदि नामों से पुकारते है।
ओ सदानीरा पाठ्य पुस्तक के प्रश्न एवं उनके उत्तर |||
प्रश्न 1. चम्पारण क्षेत्र में बाढ़ की प्रचंडता के बढ़ने के क्या कारण हैं ?
उत्तर: चम्पारण क्षेत्र में बाढ़ का प्रमुख कारण जंगलों का कटना है । जंगल के वृक्ष जल राशि को अपनी जड़ों में थामे रहते हैं । नदियों को उन्मुक्त नवयौवना बनने से रोकते हैं । उत्ताल वृक्ष नदी की धाराओं की गति को भी संतुलित करने का काम करते हैं । यदि जलराशि नदी की सीमाओं से ज्यादा हो जाती है , तब बाढ़ आती ही हैं , लेकिन जब बीच में उनकी शक्तियों को ललकारने वाले ये गगनचुम्बी वन न हो तब नदियाँ प्रचण्ड कालिका रूप धारण कर लेती हैं । वृक्ष उस प्रचण्डिका को रोकने वाले हैं । आज चम्पारण में वृक्ष को काटकर कृषियुक्त समस्त भूमि बना दी गई है । अब उन्मुक्त नवयौवना को रोकने वाला कोई न रहा , इसलिए अपनी ताकत का अहसास कराती है । लगता है मानो मानव के कर्मों पर अट्टाहास करने के लिए उसे दंड देने के लिए नदी में भयानक बाढ़ आते हैं ।
प्रश्न 2 . इतिहास की कीमिआई प्रक्रिया का क्या आशय है ?
उत्तर :- कीमिआई प्रक्रिया पारे को सोने में बदलने की एक प्रक्रिया है , जिसमें पारे को कुछ विलेपनों के साथ उच्च तापक्रम पर गर्म किया जाता है । लेखक ने पाठ के संदर्भ में कीमिआई प्रक्रिया का आशय देते हुए कहा है कि जिस प्रकार पारा दूसरे प्रकार का पदार्थ है और उसे कुछ पदार्थों के संगम से बिल्कुल भिन्न पदार्थ का उद्भव हो जाता है , उसी तरह सुदूर दक्षिण की संस्कृति और रक्त इस प्रदेश की निधि बनकर एक अन्य संस्कृति का निर्माण कर गए ।
प्रश्न 3 . धाँगड़ शब्द का क्या आशय है ?
उत्तर - धाँगड़ शब्द का अर्थ ओराँव भाषा में है - भाड़े का मजदूर । धाँगड़ एक आदिवासी जाति है , जिसे 18 वीं शताब्दी के अंत में नील की खेती के सिलसिले में दक्षिण बिहार के छोटानागपुर पठार के चम्पारण के इलाके में लाया गया था । धाँगड़ जाति आदिवासी जातियाँ - ओराँव , मुंडा , लोहार इत्यादि के वंशज हैं , लेकिन ये अपने आपको आदिवासी नहीं मानते हैं । धाँगड़ मिश्रित ओराँव भाषा में बात करते हैं और दूसरों के साथ भोजपुरिया मधेसी भाषा में | धाँगड़ों का सामाजिक जीवन बेहद उल्लासपूर्ण है , स्त्री - पुरुष ढलती शाम के मंद प्रकाश में अत्यन्त मनोहारी सामहिक नृत्य करते हैं ।
प्रश्न 4 . थारुओं की कला का परिचय पाठ के आधार पर दें ।
उत्तर: थारुओं को कला मूलतः उनके दैनिक जीवन का अंग है । जिस पात्र में धान रखा जाता है वह सींक का बनाया जाता है । उसमें कई तरह के रंगों तथा डिजाइनों का प्रयोग होता है । सींक की रंग - बिरंगी टोकरियों के किनारे सीप की झालर लगाई जाती है । झोपड़ियों में प्रकाश के लिए जो दीपक लगाए जाते हैं उनकी आकृति भी कलापूर्ण है । शिकारी और किसान के काम के लिए जो पदार्थ मूंज से बनाए जाते हैं , उनमें भी सौन्दर्य और उपयोगिता का अद्भुत मिश्रण दिखाई पड़ता है । लेकिन सबसे मनोहर था नववधू का एक अनोखा अलंकरण जो मात्र आभूषण ही नहीं था ।नववधू जब पहली बार अपने पति के लिए खेत में खाना लेकर जाती तो अपने मस्तक पर एक सुन्दर पीढ़ा रखती जिससे तीन लटें- वेणियों की भाँति लटकी रहती थीं । हर लट में धवल सीपों और एक बीज विशेष के सफेद दाने पिरोए होते थे । पीढ़े के ऊपर सींक की कलापूर्ण टोकरी में भोजन रखा होता था । टोकरी को दोनों हाथों से सँभाले जब लाज भरी वधू धीरे - धीरे खेत की ओर बढ़ती तो सीप की वेणियाँ रजत - कंकणों की भाँति झंकृत हो उठतीं ।
प्रश्न 5 . अंग्रेज नीलहे किसानों पर क्या अत्याचार करते थे ?
उत्तर: अंग्रेज नीलहे किसानों पर बहुत से अत्याचार करते थे । किसानों से जबरदस्ती नील की खेती करवाई जाती थी । उन्हें कुल भूमि के एक निश्चित भाग पर नील की खेती करने के लिए बाध्य किया गया तथा बाद में इससे मुक्त करने के लिए मोटी रकमें ली गई । इन गोरे ठेकेदारों ने बहुत कम अदायगी में हजारों एकड़ जमीन ले ली । इसके अतिरिक्त किसानों की कई तरह के कर तथा नजराने भी देने पड़ते थे ।।
प्रश्न 6 . गंगा पर पुल बनाने में अंग्रेजों ने क्यों दिलचस्पी नहीं ली ?
उत्तर :- गंगा पर पुल बनाने में अंग्रेजों ने इसलिए दिलचस्पी नहीं ली ताकि दक्षिण बिहार के बागी विचारों का असर चम्पारन में देर से पहुँचे । इस तरह चंपारण पर बरसों तक ब्रिटिश साम्राज्य की छत्रछाया वाला शासन चलता रहा ।
प्रश्न 7 . चंपारण में शिक्षा की व्यवस्था के लिए गाँधीजी ने क्या किया ?
उत्तर :- चंपारण में शिक्षा की व्यवस्था के लिए गाँधीजी ने अनेकों काम किए । उनका विचार था कि ग्रामीण बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था किए बिना केवल आर्थिक समस्याओं को सुलझाने से काम नहीं चलेगा । इसके लिए उन्होंने तीन गाँवों में आश्रम विद्यालय स्थापित किया - बड़हरवा , मधुबन और भितिहरवा । कुछ निष्ठावान कार्यकर्ताओं को तीनों गाँवों में तैनात किया । बड़हरवा के विद्यालय में श्री बवनजी गोखले और उनकी पत्नी विदुषी अवन्तिकाबाई गोखले ने चलाया । मधुबन में नरहरिदास पारिख और उनकी पत्नी कस्तूरबा तथा अपने सेक्रेटरी महादेव देसाई को नियुक्त किया । भितिहरवा में वयोवृद्ध डॉक्टर देव और सोपन जी ने चलाया । बाद में पुंडारिक जी गए । स्वयं कस्तूरबा भितिहरवा आश्रम में रहीं और इन कर्मठ और विद्वान स्वयंसेवकों की देखभाल की ।
प्रश्न 8 . गाँधीजी के शिक्षा संबंधी आदर्श क्या थे ?
उत्तर: गाँधीजी शिक्षा का मतलब सुसंस्कृत बनाने और निष्कलुष चरित्र निर्माण समझते थे । अपने उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आचार्य पद्धति के समर्थक थे अर्थात् बच्चे सुसंस्कृत और निष्कलुष चरित्र वाले व्यक्तियों के सान्निध्य से ज्ञान प्राप्त करें । अक्षर ज्ञान को वे इस उद्देश्य की प्राप्ति में विधेय मात्र मानते थे । -- वर्तमान शिक्षा पद्धति को वे खौफनाक और हेय मानते थे क्योंकि शिक्षा का मतलब है - बौद्धिक और चारित्रिक विकास , लेकिन यह पद्धति उसे कुंठित करती है । इस पद्धति में बच्चों को पुस्तक रटाया जाता है ताकि आगे चलकर वे क्लर्क का काम कर सकें , उनका सर्वांगीण विकास से कोई सरोकार नहीं है । गाँधीजी जीविका के लिए नये साधन सीखने के इच्छुक बच्चों के लिए औद्योगिक शिक्षा के पक्षधर थे । तात्पर्य यह नहीं था कि हमारी परंपरागत व्यवसाय में खोट है वरन् यह कि हम ज्ञान प्राप्त कर उसका उपयोग अपने पेशे और जीवन को परिष्कृत करने में करें ।
प्रश्न 9 . पुंडलीक जी कौन थे ?
उत्तर :- पुंडलीक जी भितिहरवा आश्रम विद्यालय के शिक्षक थे । गाँधीजी ने उन्हें बेलगाँव से सन् 1917 में बुलाया था शिक्षा देने और ग्रामीणों के भयारोहरण के लिए । पुंडलीक जी , गाँधीजी के आदर्शों को सच्चे दिल से मानने वाले बड़े ही निर्भय पुरुष थे । पहले एक कायदा था कि साहब जब आएँ तो गृहपति उसके घोड़े की लगाम पकड़े । एक दिन एमन साहब , जो उस समय बड़े अत्याचारी थे आए तो पुंडलिक जी ने कहा , “ नहीं , उसे आना है तो मेरी कक्षा में आए मैं लगाम पकड़ने नहीं जाऊँगा । " पुंडलिक जी ने गाँधीजी से सीखी निर्भीकता गाँव वालों को दी । यही निर्भीकता चम्पारण अभियान की सबसे बड़ी देन है ।
प्रश्न 10 . गाँधीजी के चम्पारण के आन्दोलन की किन दो सीखों का उल्लेख लेखक ने किया है ? इन सीखों को आज आप कितना उपयोगी मानते हैं ?
उत्तर: गाँधीजी के दो सीख है पहली निर्भीकता और दूसरी सत्य का आचरण । निर्भीकता जीवन का बहुत महत्वपूर्ण आचरण है , जिसके ना होने से पशुता और मनुष्यता में फर्क कठिन हो जाता है । सत्य के लिए निर्भीकता निहायत जरूरी है । निर्भीक होने का अर्थ है अपनी सच्ची बात पर अडिग रहना । निर्भीक होना और उदंड होना अलग है । उदंडता एक निषिद्ध आचरण है , जबकि निर्भीक होना निहायत जरूरी ।सत्य का आचरण एक ऐसी चीज है , जिससे ना होने पर संसार का अस्तित्व ही संकट में ही जाए । बिना तथ्य की जानकारी के कोई बात कहना , अफवाह उड़ाना है । विश्वास की नींव सत्य के आचरण पर ही टिकी है । गाँधीजी बिना कोई बात परखें सत्यता की जाँच के नहीं कहा करते थे । यह उनके जीवन का सबल था । यही हमारे जीवन का भी होना चाहिए क्योंकि इसके न होने से हम मानव कहलाने का गौरव खो देते हैं और हमारा अस्तित्व जो विश्वास की बुनियाद पर खड़ा है समाप्त हो जाएगा ।
प्रश्न 11 . कपिलवस्तु से मगध के जंगलों तक की यात्रा बुद्ध ने किस मार्ग से की थी ?
उत्तर :- लौरिया , नंदनगढ़ से एक नदी रामपुरवा और भितिहरवा होते हुए उत्तर में नेपाल के लिए भिखना थोरी तक जाती है । उस नदी का नाम है ' पइंड ' । इसी के सहारे भगवान बुद्ध ने कपिल से मगध तक की यात्रा की थी । लौरियां नंदनगढ़ में सम्राट अशोक द्वारा बनवाया हुआ कलापूर्ण स्तम्भ है ।
प्रश्न 12 . अर्थ स्पष्ट कीजिए
( क ) वसुंधरा भोगी मानव और धर्मान्ध मानव एक ही सिक्के के दो पहलू हैं ।
उत्तर :- प्रस्तुत पंक्तियाँ जगदीशचन्द्र माथुर ने मनुष्य की पाश्विक प्रवृत्ति एवं दूषित मानसिकता का वर्णन किया है । एक तरफ मनुष्य जंगल काटे जा रहा है , खेतों को पशु , पक्षियों आदि को नष्ट कर रहा है । नदियों पर बाँध बनाकर उसे नष्ट कर रहा है तो दूसरी ओर धर्मान्ध मानव गंगा को मइया कहता है पर अपने घर की नाली , कूड़ा - करकट पूजन - सामग्री जो प्रदूषण ही फैलाते हैं गंगा नदी में प्रवाहित करता है । इस प्रकार दोनों इस प्रकृति को नष्ट करने में लगे हुए हैं । इसलिए कहा जाता है कि वसुंधरा भोगी मानव और धर्मान्धमानव एक ही सिक्के के दो पहलू हैं ।
( ख ) कैसी है चंपारण की यह भूमि ? मानो विस्मृति के हाथों अपनी बड़ी से बड़ी निधियों को सौंपने के लिए प्रस्तुत करती है । उत्तर: चम्पारण की यह गौरवशाली भूमि महान है । यहाँ अनेक आक्रमणकारी तथा बाहरी व्यक्ति आए । उन्होंने या तो इस पावन भूमि को क्षति पहुँचाई या आकर बस गए । किन्तु धन्य है इसकी सहनशीलता एवं उदारता । इसने इन सबको भुला दिया , क्षमा कर दिया ऐसा प्रतीत होता है कि इसने विस्मृति के हाथों अपनी बड़ी से बड़ी निधियों को सौंप दिया इसने किसी प्रकार का प्रतिकार नहीं किया । स्वयं को उन आततायियों के हाथों समर्पित कर दिया । उन्हें अपनी निधियों से समृद्ध किया ।
ओ सदानीरा objectives
1. जगदीशचन्द्र माथुर का जन्म कब हुआ था ?
A. 1817 B. 1917
C. 1818 D. 1717 उत्तर | B
2." ओ सदानीरा" शीर्षक पाठ किस विधा के अंतर्गत आता है ?
A. निबंध B. कविता
C. कहानी D. नाटक उत्तर | A
3. " ओ सदानीरा" निबंध के निबंधकार कौन है ?
A. जगदीशचंद्र माथुर B. बालकृष्ण भटट
C. हजारी प्रसाद द्विवेदी D. रविन्द्रनाथ टैगोर
उत्तर | A
4. जगदीशचंद्र माथुर मुलत: क्या थे ?
A. कहानीकार B. नाटककार
C. उपन्यासकार D. निबंधकार उत्तर | B
5. “ओ सदानीरा " किस पुस्तक से ली गई है ?
A. बोलते क्षण B. दसरथ नंदन
C. कोणार्क D. कुंवर सिंह की टेक उत्तर | A
6. "बोलते क्षण" किस साहित्यिक विधा की कृति है ?
A. निबंध B. संस्मरण
C. कहानी D. आलोचना उत्तर | A
7. मठ के महंत ने गाँधी जी को कहाँ शरण दी ?
A. एक जामुन के पेड़ के नीचे B. एक झोपड़ी में
C. अपने मठ में D. एक मुहऐ के पेड़ के निचे
उत्तर | D
8. "सदानीरा" शब्द का क्या अर्थ होता
A. गर्मियों में जल से विहिन नदी
B. जल से सदैव परिपूर्ण नदी
C. बाढ़ लाने वाली नदी
D. बिजली के लिए पानी उपलब्ध करानेवाली नदी उत्तर | B
9 . जगदीश माथुर किस राज्य के शिक्षा सचिव नियुक्त हुए ?
A. बंगाल के B. महाराष्ट्र के
C. बिहार के D. मध्य प्रदेश के उत्तर | C
10. अँगरेज़ ठेकेदारों ने किस चीज़ की खेती का विस्तार किया
A. दलहन B. गेहूँ
C. नील D. तिलहन उत्तर | C
11. चंपारण क्षेत्रों में बाढ़ का मुख्य कारण क्या है ?
A. जंगलो का कटना B. नदियों की अधिकता
C. इनमें कोई नही D. नदियों की तीव्र धारा उत्तर | A
12. पुंडलिक जी कौन थे ?
A. गॉव का मुखिया B. चिकित्सक
C. शिक्षक D. राजनैतिक नेता उत्तर | C
13. निम्नलिखित में से कौन सा नाटक जगदीशचंद्र माथुर रचित है ?
A. दीपक B. कोणार्क
C. आधे-अधूरे D. बोलते क्षण उत्तर | B
14. निम्नलिखित में से कौन सी उपाधि माथुर जी मिली?
A. विधा प्रदक्षिणा B. विधा कामिनी
C. विधा वारिधि D. इनमें से कोई नही उत्तर | C
15. "दस तस्वीर" के रचनाकार कौन है ?
A. जगदीशचंद्र माथुर B. चंद्र शेखर आजाद
C. अमर कुमार शर्मा D. महादेवी वर्मा उत्तर | A
16. " ओ मेरे सपने" क्या है ?
A. उपन्यास B. कहानी
C. यमुना D. नाटक उत्तर | D
17. " ओ सदानीरा" किसको निमित बनाकर लिखा गया है ?
A. गंगा B. यमुना
C. गंडक D. महानदी उत्तर | C
18. राजा हरिसिंह देव को किसका मुकाबला करना पड़ा था ?
A. गयासुद्दीन तुगलक का B. बाबर का
C. नादिरशाह का D. अहमदशाह का उत्तर | A
19. गौतम बुद्ध का आविर्भाव कब हुआ था ?
A. दो हजार वर्ष पहले
B. तीन हजार वर्ष पहले
C. ढाई हजार वर्ष पहले
D. पाँच सौ वर्ष पहले उत्तर | C
20. जगदीश माथुर एक प्रतिभाशाली लेखक के साथ और क्या थे ?
A. नाटककार B. प्रशासक
C. संस्कृति कर्मी D. उपरोक्त सभी
उत्तर | D
21.निम्न में से कौन सी कृति माथुर जी की नहीं है?
A. मेरी बॉसुरी B. रेशमी टाई
C. बंदी D. कोणार्क उत्तर | B
22. "वैशाली महोत्सव" का वीजारोपण किसने किया था ?
A. अज्ञेय जी ने B. अशोक वाजपेय जी
C. जगदीशचंद्र माथुर D. श्री कृष्णा सिंह ने उत्तर | C
23. "ओ सदानीरा ” बिहार के किस क्षेत्र की संस्कृति पर लिखी गयी
?
A. तिरहुत B. सरन
C. मिथिला D. चंपारण उत्तर | D
24. जगदीश माथुर को भितिरहरवा पहुॅचने पर कौन मिले ?
A. गाँधी जी B. पुंडलिक जी
C. गोखले जी D. इनमे से कोई नहीं उत्तर | B
25. इनमें से जगदीश माथुर का कार्यक्षेत्र कहाँ था
A. बंगाल में B महाराष्ट्
C. बिहार में D. आंध्र प्रदेश में उत्तर | C
26. किसकी भूमिका जगदीशचंद्र
माथुर के दृष्टिकोण के निर्माण में आधारभूत थी ?
A. इतिहास B. लोकवार्ता
C. संस्कृति परम्परा D. उपरोक्त सभी उत्तर | D
27. श्री माथुर के लेखन में रचना
भूमि का दायरा अपेक्षित रूप से कैसा है ?
A. सीमित B. उपरोक्त दोनो
C. छोटा D. इनमें से कोई नही उत्तर | A
28. जगदीशचन्द्र माथुर ने कैसे
निबंध लिखे
A. ललित B. रसय
C. व्यक्ति वयंजक D. उपरोक्त सभी उत्तर | D
29. “धाकड" शब्द का क्या
अर्थ होता है ?
A. भाड़े का टटट् B. दिहाड़ी मजदूर
C. भाड़े का मजदूर D. बलशाली मजदूर उत्तर | C
30. चंपारण में “धॉगड़” कहाँ से
आए ?
A. छोटानागपुर B. रॉची
C. जमशेदपुर D. आंध्र प्रदेश उत्तर | A
31. "तीनकठिया" प्रथा
का संबंध है।
A. नील से B. मशाला
C. तम्बाकू से D. ईख से उत्तर | A
32. गॉधीजी चंपारण में कब आए ?
A. अप्रैल 1920 B. जून 1917
C. अप्रैल 1918 D. अप्रैल 1917 उत्तर | D
33. बराज कहॅ बन रहा था ?
A. भितिहरवा में B. अमोलवा में
C. बेलगाँव में D. भैसालोटन में उत्तर | D
34. पंडइ नदी कहा तक जाती
है
A. भितिहरवा B. रामनगर
C. बगहा D. भीखनाथोड़ी उत्तर | D
35. आम्रपाली ने
"तथागत" को क्या सौपा था ?
A. दस हजार स्वर्णमुद्राएँ B. कदलीवन
C. आम्रवन D. भीखनाथोड़ी उत्तर | A
36. कौन सी कृति माथुर जी की है
?
A. यायावर रहेगा याद B. जानवर और जानवर
C. कहानी : नई कहानी D. भोर का तारा उत्तर | D
37. थारन' शब्द किस शब्द से
विकसित है ?
A. स्थान B. स्थल
C. थार D. थल उत्तर | C
38. किस सन की बाढ का दृश्य
जिन्होने देखा उन्हें 'रामचरितमानस में कैकेयी के क्रोधरूपी नदी की बाढ की याद आई
होगी
A. सन साठ की B. सन बासठ की
C. सन इकसठ की D सन सतर की उत्तर | B
39. 12 वीं सदी से लगभग कितने
वर्ष तक कर्णाट वंश का राज्य था
A. 100 वर्ष तक B. 400 वर्ष तक
C. 200 वर्ष तक D. 300 वर्ष तक उत्तर | D
40. कर्णाट वंश के राजा हरिसिंह
देव को किस ई में मुसलमान आक्रमणकारी ग्यासुद्दीन तुगलक का मुकाबला करना पड़ा ?
A. 1325 ई. में B. 1214 ई. में
C. 1225 ई. में D. 1525 ई. में उत्तर | A
41. भगवान बुद्ध किस नदी से होकर
नेपाल लुंबनी जाया करते थे ?
A. सिकरना B. गंगा
C. गंडक D. पंडई उत्तर | D
42. हरिसिंह देव का गढ़ अपना
हौंसला खो बैठा और उन्हें कहाँ भागना पड़ा ?
A. भूटान B. तिब्बत
C. बैगलोर D. नेपाल उत्तर | D
43. थारू और धॉगड़ जातियाँ नेपाल
में कितने सालों से आकर बसे
A. 500-600 वर्षों से B. 500-700 वर्षो से
C. 500 वर्षों से D. 600 वर्षो से उत्तर | B
44. धॉगड़ों को किस शताब्दी के
अंत में नील की खेती के सिलसिले में लाया गया ?
A. 15 वीं शताब्दी B. 18 वीं शताब्दी
C. 16 वीं शताब्दी D. 19 वीं शताब्दी उत्तर | B
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